Jeevan Ki Samasyao Ka Samadhan Kaise Kare | जीवन की समस्याओं से कैसे निपटें – Hindi Motivation

जीवन की समस्याओं का समाधान कैसे करें – Hindi Motivation
जीवन की समस्याओं से कैसे निपटें

“भगवान ने सारी समस्याएं मेरी ही झोली में डाल दी” – ऐसा कहते हुए, मैं बहुत लोगों से मिला हूं।

किसी को करियर की प्रॉब्लम है, किसी को हेल्थ-रिलेटेड इश्यूज़ हैं, किसी की पारिवारिक समस्याएं हैं, किसी को एंज़ाइटी है, किसी को पैसे की तकलीफ़ है।
किसी का रिश्ता खत्म हो गया है, किसी को इस बात की चोट लगी है कि उसको किसी ने भला-बुरा बोल दिया।
किसी को अकेलेपन की दिक्कत है, कोई एग्ज़ाम में फेल हो गया, कोई पास हो गया पर परसेंटेज कम आई… और यह सिलसिला चलता ही रहता है।

नमस्कार दोस्तों!
आज, मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं –
क्या आप मुश्किलों का सामना कर रहे हैं?
क्या आप परेशानी में गले तक डूबे हुए हैं?
क्या कुछ ऐसी तकलीफ़ें हैं जो खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही?

अगर हां, तो यह लेख आपके लिए है।

क्यों कुछ लोग हार नहीं मानते?
ज़रा सोचिए –
क्यों कुछ लोग तमाम मुसीबतों के बावजूद चट्टान-सी मज़बूती से खड़े रहते हैं, जबकि बाकी लोग हार मान लेते हैं?
क्यों अरुणिमा सिन्हा अपना एक पैर गँवाने के बावजूद एवरेस्ट की चोटी पर पहुँच जाती हैं?
क्यों सुधा चंद्रा एक सिंथेटिक/ नकली पैर होने के बावजूद एक बेहतर डांसर बन जाती हैं?
क्यों कुछ लोग तमाम मुसीबतों के बीच उड़ान भरते हैं, जबकि बाकी सभी डूब जाते हैं?

प्रॉब्लम्स का सच
सबसे पहले मेरी एक बात गांठ बाँध लीजिए –
प्रॉब्लम पर आपका कॉपीराइट नहीं है।
हर ज़िंदा इंसान के पास समस्याएं हैं।
प्रॉब्लम्स इस बात का संकेत हैं कि आप ज़िंदा हैं।
किसी ने बहुत शानदार कहा है –
“मुसीबतें ज़िंदा लोगों के नसीब में ही होती हैं, मुर्दों के लिए तो लोग रास्ता छोड़ देते हैं।”

नौकरी वालों की समस्या
अगर आप बेरोज़गार हैं और सोचते हैं कि नौकरी मिल जाएगी तो सारी प्रॉब्लम खत्म हो जाएगी, तो एक बार उन लोगों से मिलिए जो नौकरी कर रहे हैं।
उनके पास भी समस्याओं का पिटारा है।

=> उन्हें हर सोमवार काम पर जाना है।
=> लाखों लोग ऐसी नौकरी कर रहे हैं जिन्हें वे खुद पसंद नहीं करते।
=>  वे लोग जीने के लिए काम करते हैं, काम करने के लिए नहीं जीते।

और अगर कल उनके बैंक अकाउंट में एक-एक करोड़ रुपए डाल दिए जाएं, तो 99% लोग अगले दिन नौकरी पर नहीं जाएंगे।
क्योंकि अधिकांश लोग नौकरी खुशी में नहीं, मजबूरी में कर रहे हैं।

मालिकों की समस्या
अगर आपको लगता है कि मालिक खुश होते हैं, तो यह बिल्कुल गलत है।
=> हर महीने सैलरी देनी होती है, चाहे बिज़नेस चले या न चले।
=> लोन की EMI गोली की स्पीड से आती है, ब्याज के साथ।
=> ऑफिस का किराया, बिजली का बिल, तमाम फिक्स्ड खर्चे।
यानी बेरोज़गार परेशान हैं कि नौकरी नहीं है, नौकरी वाले परेशान हैं कि पसंद की नौकरी नहीं है, और मालिक परेशान हैं कि बिज़नेस का बोझ बहुत है।

रिटायर लोगों की समस्या
आप सोचते होंगे कि रिटायर लोग सबसे खुश हैं।
गलत!
सबसे बड़ी समस्या है – वक्त कटता नहीं।
उन्हें लगता है कि अब कोई उनके साथ बैठना नहीं चाहता।
उन्हें लगता है कि उनकी प्रोडक्टिविटी खत्म हो गई है।

यही लोग जब नौकरी में थे तो सोचते थे कि रिटायरमेंट के बाद मौज करेंगे।
लेकिन रिटायरमेंट के बाद फिर से नौकरी करने लगते हैं।

सफल लोगों की समस्या
अब आप कहेंगे कि अमीर और सफल लोग तो मौज करते होंगे।
फिर से गलत!
सफलता समस्याओं को खत्म नहीं करती, बल्कि नई समस्याओं को जन्म देती है।
सफल व्यक्ति के पास असफल व्यक्ति से ज्यादा बड़ी समस्याएं होती हैं।
इसलिए गुरु नानक कहते हैं –
“नानक दुखिया सब संसार।”

freesamadhan.in

 

समस्याओं का अंत होता है
दोस्तों, हर समस्या की एक निश्चित अवधि होती है।
कोई भी समस्या सदा रहने वाली नहीं होती।
जैसे हर पर्वत की एक चोटी होती है, हर घाटी का एक निचला बिंदु होता है।
जीवन में भी उतार-चढ़ाव होते हैं।
रात कितनी भी काली हो, सुबह ज़रूर आती है।
तूफ़ान के बाद सूरज ज़रूर निकलता है।
आपकी समस्या भी गुज़र जाएगी।

आपदा में अवसर
हर समस्या में एक बड़ा फायदा भी छुपा होता है।
बस आपको उसे पहचानने की नज़र चाहिए।
हर सिक्के के दो पहलू होते हैं।
उदाहरण के लिए –
चूहे दुनिया के लिए समस्या हैं।
लेकिन कई कंपनियां चूहे पकड़ने की मशीन बनाकर करोड़ों कमा रही हैं।
हज़ारों लोगों को रोजगार मिल रहा है।
यानी समस्या को अवसर में बदलना ही असली कला है।
यहाँ आपके दिए गए शेष हिस्से को मैंने उचित विराम चिह्नों के साथ व्यवस्थित किया है और इसे थोड़ा विस्तार देकर और भी प्रभावशाली बना दिया है। अब यह पूरा लेख एक प्रेरणादायक ब्लॉग/वीडियो स्क्रिप्ट की तरह तैयार है-

समस्या में अवसर
इसी तरह दोस्त, आपकी समस्या में भी कोई न कोई संभावना छुपी होगी। बस शांत मन से पहचानना है।
एक इंसान की प्रॉब्लम दूसरे को रोजगार देती है।
लोग बीमार नहीं पड़ते तो अस्पतालों का धंधा कैसे चलता?
सभी लोग अगर नियम-कायदे मान लेते तो वकीलों का धंधा कैसे चलता?
यानी किसी की समस्या किसी और के लिए अवसर पैदा करती है।

प्रॉब्लम हमें बदलती है
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर प्रॉब्लम हमें बेहतर करने ही आती है।
प्रॉब्लम हमें कभी उस रूप में नहीं छोड़ती जिस रूप में उसने हमें पकड़ा था।
मेरी हर प्रॉब्लम ने मुझे एक बेहतर इंसान ही बनाया है।

मैं हमेशा कहता हूं –
घटना का होना आपके हाथ में नहीं है, लेकिन घटना में रंग भरना आपके हाथ में है।
आप सिचुएशन को कंट्रोल नहीं कर सकते, लेकिन आप अपने रिस्पॉन्स को जरूर कंट्रोल कर सकते हैं।

अगर प्रॉब्लम का समाधान न हो?
मेरे एक सेमिनार में किसी ने पूछा –
“ Sir जी, अगर किसी प्रॉब्लम का सलूशन ही न हो तो क्या करें?”

मैंने जवाब दिया –
अगर आप प्रॉब्लम सॉल्व (Solve) नहीं कर सकते, तो उसे मैनेज (Manage) करें।
बेहद सफल लोगों में यह गुण होता है कि जब कोई ऐसी स्थिति आती है जिसे सॉल्व नहीं किया जा सकता, तो वे उसे अच्छे ढंग से मैनेज कर लेते हैं।

 

 

प्रॉब्लम समाधान (Solve) करने के 5 सिद्धांत

1. प्रॉब्लम को हल्के में कभी न लें
बहुत सारी समस्याएं इसलिए नहीं सुलझतीं क्योंकि लोग उन्हें हल्के में ले लेते हैं।
याद रखिए –
बिना चाबी के ताले कभी नहीं बनते।
अगर कोई ताला बना है तो उसकी चाबी भी होगी।
यानी अगर प्रॉब्लम है तो उसका सलूशन भी होगा।

2. समस्या को बढ़ा-चढ़ाकर मत बताइए
कई लोग राई का पहाड़ बना देते हैं।
ऐसे लोग हमेशा अपनी समस्या दूसरों से बड़ी बताते हैं।
जीवन में यह गलती कभी मत करना।
अगर बिज़नेस बंद हो गया है, नौकरी छूट गई है, या ब्रेकअप हो गया है – तो यह दुनिया का अंत नहीं है।
अपनी समस्या को मामूली मानकर उसका उपाय कीजिए।

3. हाथ पर हाथ रखकर मत बैठिए
प्रॉब्लम अपने आप सॉल्व नहीं होती।
नौकरी घर चलकर नहीं आएगी, आपको ही बाहर निकलकर इंटरव्यू देने होंगे।
याद रखिए –
हरकत में बरकत है।
जितना हो सके प्रयास कीजिए और जिम्मेदारी खुद उठाइए।

4. दोष मत दीजिए
अपनी प्रॉब्लम के लिए दूसरों को दोष देना बंद कीजिए।
अधिकतर लोग अपना समय दूसरों को दोष देने में ही निकाल देते हैं।
गालिब का शेर याद रखिए –
“ता उम्र गालिब भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा।”
अपनी हर समस्या की जिम्मेदारी खुद लीजिए और समाधान ढूंढने में लग जाइए।

5. मदद मांगने में संकोच न करें
मदद मांगना कोई गुनाह नहीं है।
राम जी ने भी सुग्रीव से मदद मांगी थी, केवट से मदद मांगी थी।
तो आपको किस बात की ईगो है?
कभी-कभी हमारी समस्या का समाधान हमारे पास ही होता है, लेकिन हम परेशान होकर उसे देख नहीं पाते।
इसलिए मदद मांगने में हिचकिचाइए मत।

जीवन की समस्याओं का समाधान कैसे करें – Hindi Motivation का निष्कर्ष (Conclusion)-
दोस्तों, याद रखिए –
ईश्वर के घर में देर है, अंधेर नहीं।
समस्या स्थायी नहीं होती।

समस्याएं हमेशा रहेंगी।
लेकिन उनका रूप बदलता रहेगा।
आपका काम है – उनसे डरना नहीं, उनका सामना करना।

याद रखिए –
समस्या स्थायी नहीं होती, लेकिन आपका साहस स्थायी हो सकता है।

आपका काम है – साहस बनाए रखना, प्रयास करते रहना और अवसर पहचानना।

अपना ख्याल रखिए।
दुनिया को आपकी जरूरत है।
खुश रहिए, स्वस्थ रहिए और दूसरों को भी खुश रखिए।

अगर यह जानकारी पसंद आई हो तो सब्सक्राइब करें और कमेंट भी करें।
जीवन से जुड़े अगले किसी और विषय पर फिर आपसे मिलेंगे।
तब तक – मस्त रहिए, स्वस्थ रहिए, खुश रहिए और दूसरों को भी खुश रखिए।

आपका सच्चा साथी/ दोस्त
Dr. Haire (डॉ. हैरी )

You may also like...