जब मन हारने लगे तो पढ़ें ये Motivational Shayari in Hindi और खुद में नया जोश जगाएं
खुद को मोटिवेट रखना सीखिए, क्योंकि जिंदगी में आगे आपको ही बढ़ना है!
कभी-कभी ऐसा होता है कि हम जिंदगी में बहुत कुछ करना चाहते हैं। हमारे मन में बड़े-बड़े सपने होते हैं। हम चाहते हैं कि हमारी जिंदगी बेहतर बने, हमारा परिवार खुश रहे, हम अपने काम में सफल हों और एक दिन अपनी मेहनत से वह सब हासिल करें, जिसका सपना हमने कभी देखा था। लेकिन समस्या तब शुरू होती है, जब हम कोशिश तो करते हैं, मगर बार-बार मिलने वाली परेशानियों से हमारा मन कमजोर पड़ने लगता है।

कभी काम में मन नहीं लगता, कभी मेहनत करने के बाद भी परिणाम नहीं मिलता, कभी दूसरों की सफलता देखकर अपने ऊपर शक होने लगता है और कभी ऐसा लगता है कि अब हमसे कुछ नहीं होगा। मन में तरह-तरह के विचार आने लगते हैं। हम सोचते हैं कि आखिर हमारे साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है? हम इतनी मेहनत कर रहे हैं, फिर भी हमारी जिंदगी में बदलाव क्यों नहीं आ रहा?
अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो सबसे पहले एक बात समझ लीजिए-आप अकेले नहीं हैं। जिंदगी में ऐसा समय लगभग हर इंसान के जीवन में आता है। फर्क सिर्फ इतना होता है कि कोई इंसान उस समय हार मान लेता है और कोई अपनी हिम्मत को फिर से जगाकर आगे बढ़ने लगता है।
यही वह समय होता है, जब हमें मोटिवेशन की जरूरत पड़ती है। और कई बार एक अच्छी बात, किसी का अनुभव, मोटिवेशनल शायरी या जिंदगी से जुड़ा कोई छोटा-सा उदाहरण हमारे अंदर नई ऊर्जा भर देता है।
देखिए, जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए केवल सपने देखना काफी नहीं है। सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है, धैर्य रखना पड़ता है और सबसे जरूरी बात-जब मन साथ देना बंद कर दे, तब भी खुद को संभालना पड़ता है।
इसीलिए सेल्फ मोटिवेशन यानी खुद को प्रेरित रखना बहुत जरूरी है।
- जब मन हार मानने लगे, तब खुद को याद दिलाइए कि आपने शुरुआत क्यों की थी
हम सभी की जिंदगी में ऐसे दिन आते हैं, जब सुबह उठने का भी मन नहीं करता। जिस काम को हम पहले बड़े उत्साह के साथ करते थे, वही काम धीरे-धीरे बोझ लगने लगता है। हम सोचते हैं कि आज रहने देते हैं, कल से शुरू करेंगे।
फिर अगला दिन आता है और हम दोबारा वही सोचते हैं। देखते ही देखते कई दिन निकल जाते हैं, लेकिन हमारा काम वहीं का वहीं रह जाता है।
ऐसे समय में हमें खुद से एक सवाल पूछना चाहिए-मैंने यह काम शुरू ही क्यों किया था?
आपने कोई काम बिना वजह शुरू नहीं किया होगा। उसके पीछे कोई सपना रहा होगा, कोई जरूरत रही होगी या अपने परिवार और भविष्य को बेहतर बनाने की इच्छा रही होगी।
मान लीजिए, एक विद्यार्थी परीक्षा में अच्छे अंक लाना चाहता है। शुरुआत में वह खूब मेहनत करता है, लेकिन कुछ दिनों बाद उसे पढ़ाई कठिन लगने लगती है। दूसरे विद्यार्थी उससे आगे निकलने लगते हैं। उसे लगता है कि शायद वह अच्छा नहीं कर पाएगा।
अगर वह इसी सोच के साथ पढ़ाई छोड़ देता है, तो उसके पास असफल होने का एक और कारण जुड़ जाएगा। लेकिन अगर वह खुद से कहता है कि मुझे सब कुछ एक दिन में नहीं करना, मुझे आज केवल अपना अगला अध्याय पूरा करना है, तो धीरे-धीरे उसकी तैयारी आगे बढ़ सकती है।
यही बात बिजनेस, नौकरी और जिंदगी के दूसरे कामों पर भी लागू होती है।
आपको हर दिन बहुत बड़ा काम करने की जरूरत नहीं है। कई बार केवल एक छोटा कदम भी आपको दोबारा रास्ते पर ला सकता है।
मोटिवेशनल शायरी
रास्ते मुश्किल हैं तो क्या, चलना तो पड़ेगा,
सपना अपना है तो मेहनत भी करनी पड़ेगी।
हर रोज नहीं मिलती मंजिल की खुशी,
कभी खुद को समझाकर भी आगे बढ़ना पड़ेगा।
याद रखिए, आपका मन आज कमजोर है, इसका मतलब यह नहीं कि आप कमजोर इंसान हैं। इसका मतलब केवल इतना है कि आपको खुद को संभालने के लिए थोड़ा समय, थोड़ी हिम्मत और एक नई शुरुआत की जरूरत है।

- मोटिवेशन का मतलब हर समय खुश रहना नहीं है
कई लोग सोचते हैं कि जो इंसान मोटिवेटेड रहता है, वह हमेशा खुश रहता होगा। उसे कभी चिंता नहीं होती होगी, वह कभी परेशान नहीं होता होगा और उसके मन में कभी नकारात्मक विचार नहीं आते होंगे।
लेकिन ऐसा नहीं है।
मोटिवेशन का मतलब यह नहीं कि आपकी जिंदगी में समस्याएं नहीं आएंगी। इसका असली मतलब है कि समस्याएं आने पर भी आप उनसे निपटने की कोशिश करना नहीं छोड़ेंगे।
एक बिजनेसमैन को ही देख लीजिए। उसने अपना कारोबार शुरू किया। शुरुआत में उसे लगा कि कुछ ही महीनों में अच्छी कमाई होने लगेगी। उसने पैसे लगाए, समय दिया और दिन-रात मेहनत की। लेकिन बाजार में मंदी आ गई, ग्राहक कम हो गए और खर्च बढ़ने लगे।
अब उसके सामने दो रास्ते हैं।
पहला रास्ता यह है कि वह सोचने लगे कि मेरा बिजनेस नहीं चल सकता, मेरी किस्मत खराब है और मुझसे यह काम नहीं होगा।
दूसरा रास्ता यह है कि वह अपनी स्थिति को समझे, खर्चों का हिसाब देखे, ग्राहकों की जरूरतों को समझे और अपने काम करने के तरीके में जरूरी बदलाव करे।
दोनों स्थितियों में समस्या मौजूद है। लेकिन दूसरी स्थिति में इंसान समस्या के साथ-साथ समाधान पर भी ध्यान देता है।
यही सकारात्मक सोच का वास्तविक अर्थ है।
इसका मतलब यह भी नहीं कि हर हाल में एक ही काम करते रहना चाहिए। कई बार समझदारी इसी में होती है कि हम अपनी योजना बदलें, किसी अनुभवी व्यक्ति से सलाह लें या कुछ समय रुककर नई तैयारी करें।
याद रखिए, हार मान लेना और अपनी रणनीति बदलना दो अलग-अलग बातें हैं।
कभी-कभी जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए तेजी से दौड़ने की नहीं, बल्कि रुककर सही दिशा चुनने की जरूरत होती है।
- दूसरों की सफलता देखकर खुद को छोटा मत समझिए
आजकल हमारी जिंदगी में एक नई परेशानी जुड़ गई है। हम दूसरों की जिंदगी को देखकर अपनी जिंदगी का मूल्यांकन करने लगे हैं।
सोशल मीडिया खोलते ही किसी की नई कार दिखाई देती है, किसी का बड़ा घर दिखाई देता है, कोई विदेश घूम रहा होता है और कोई अपने बिजनेस की सफलता की कहानी बता रहा होता है।
यह सब देखकर कई बार हमारे मन में सवाल उठने लगते हैं-उसने इतनी तरक्की कैसे कर ली? मैं अभी तक वहीं क्यों हूं? मुझमें क्या कमी है?
धीरे-धीरे हम अपनी मेहनत को भी कम समझने लगते हैं।
लेकिन एक बात समझिए। आप किसी इंसान की जिंदगी का वह हिस्सा देख रहे हैं, जिसे वह आपको दिखाना चाहता है। आपको उसकी पूरी कहानी नहीं पता। आपको नहीं पता कि उसने कितनी परेशानियां झेली हैं, कितनी बार असफल हुआ है और किन परिस्थितियों से गुजरकर वह आज यहां तक पहुंचा है।
मान लीजिए, दो लोग एक ही उम्र में अपना करियर शुरू करते हैं। एक व्यक्ति को अच्छे अवसर जल्दी मिल जाते हैं, जबकि दूसरे व्यक्ति को अपने लिए सही रास्ता खोजने में अधिक समय लगता है।
क्या इसका मतलब है कि दूसरा व्यक्ति कभी सफल नहीं हो सकता? बिल्कुल नहीं।
हर इंसान की परिस्थितियां, जिम्मेदारियां, क्षमताएं और अवसर अलग होते हैं। इसलिए अपनी तुलना किसी दूसरे की उपलब्धियों से करने के बजाय अपनी पिछली स्थिति से कीजिए।
खुद से पूछिए-क्या मैंने पिछले महीने की तुलना में कुछ नया सीखा है? क्या मैंने अपनी कोई आदत सुधारी है? क्या मैं अपने लक्ष्य की तरफ एक कदम भी आगे बढ़ा हूं?
अगर जवाब हां है, तो आप आगे बढ़ रहे हैं।
मोटिवेशनल शायरी
दूसरों की रोशनी से अपनी पहचान मत खोना,
किसी की जीत देखकर अपना हौसला मत खोना।
हर फूल के खिलने का अपना समय होता है,
तू भी एक दिन खिलेगा, बस खुद पर विश्वास मत खोना।
आपकी जिंदगी की कहानी आपकी अपनी है। इसे दूसरों की जिंदगी से तुलना करके कमजोर मत बनाइए।
- सफलता पाने के लिए सेल्फ मोटिवेशन क्यों जरूरी है?
देखिए, जिंदगी में बहुत-से काम ऐसे होते हैं, जिन्हें हम केवल दूसरों के कहने पर लंबे समय तक नहीं कर सकते।
कोई आपको एक दिन पढ़ाई करने के लिए प्रेरित कर सकता है। आपका दोस्त आपको जिम चलने के लिए कह सकता है। कोई अनुभवी व्यक्ति आपको बिजनेस में आगे बढ़ने की सलाह दे सकता है। लेकिन रोज पढ़ना, नियमित व्यायाम करना, अपने काम को बेहतर बनाना और कठिन परिस्थितियों में भी प्रयास करते रहना-इन सबके लिए अंततः आपको खुद तैयार होना पड़ता है।
इसीलिए सेल्फ मोटिवेशन का महत्व बढ़ जाता है।
मान लीजिए, आप नौकरी करते हैं और अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं। आपको पता है कि नई स्किल सीखने से आपके लिए बेहतर अवसर खुल सकते हैं। लेकिन दिनभर काम करने के बाद थकान महसूस होती है। आप सोचते हैं कि आज आराम कर लेते हैं, कल सीखेंगे।
आराम करना गलत नहीं है। शरीर और मन को आराम भी चाहिए। समस्या तब पैदा होती है, जब कल का इंतजार लगातार चलता रहता है।
ऐसे में आपको अपने लक्ष्य को छोटे हिस्सों में बांटना चाहिए। रोज दो घंटे पढ़ना संभव नहीं है, तो शुरुआत बीस मिनट से कीजिए। एक महीने तक लगातार बीस मिनट सीखने की आदत बनाइए। फिर अपनी सुविधा के अनुसार समय बढ़ाइए।
छोटी-छोटी कोशिशें धीरे-धीरे आपकी क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ा सकती हैं।
यही सिद्धांत पढ़ाई, बिजनेस, नौकरी और व्यक्तिगत जीवन में भी काम आता है।
आपको हर दिन किसी दूसरे व्यक्ति से प्रेरणा मिले, यह जरूरी नहीं है। आपको अपने लक्ष्य की वजह याद होनी चाहिए और अपने काम को नियमित रूप से करने की आदत विकसित करनी चाहिए।
मोटिवेशन आपको शुरुआत करने की हिम्मत देता है, लेकिन अनुशासन आपको लगातार आगे बढ़ने में मदद करता है।
और जब मोटिवेशन कम हो जाए, तब आपकी छोटी-छोटी अच्छी आदतें आपको आगे बढ़ने में सहारा दे सकती हैं।
- जब मेहनत का परिणाम न मिले, तब क्या करना चाहिए?
यह जिंदगी का एक ऐसा सवाल है, जिसका सामना लगभग हर मेहनती इंसान कभी न कभी करता है।
हम मेहनत करते हैं, समय देते हैं, कई चीजों का त्याग करते हैं, लेकिन फिर भी हमें वैसा परिणाम नहीं मिलता, जिसकी हमने उम्मीद की थी।
एक विद्यार्थी पूरे साल पढ़ाई करता है, लेकिन परीक्षा में उसके अंक उम्मीद से कम आते हैं।
एक नौकरी करने वाला व्यक्ति वर्षों तक मेहनत करता है, लेकिन उसे प्रमोशन नहीं मिलता।
एक बिजनेसमैन पूरी कोशिश करता है, लेकिन उसका कारोबार अपेक्षा के अनुसार नहीं बढ़ता।
ऐसे समय में निराश होना स्वाभाविक है। लेकिन निराशा में लिया गया हर निर्णय सही हो, यह जरूरी नहीं है।
सबसे पहले अपनी मेहनत और परिणाम के बीच के अंतर को समझिए।
क्या आपकी तैयारी में कोई कमी रह गई? क्या आपका तरीका सही था? क्या आपको किसी नई स्किल की जरूरत है? क्या आप गलत दिशा में प्रयास कर रहे हैं? या कुछ ऐसी परिस्थितियां थीं, जो आपके नियंत्रण में नहीं थीं?
इन सवालों का जवाब आपको आगे की राह दिखा सकता है।
मान लीजिए, कोई व्यक्ति अपने बिजनेस की बिक्री बढ़ाने के लिए लगातार विज्ञापन चला रहा है, लेकिन उसे अच्छे ग्राहक नहीं मिल रहे। वह बार-बार विज्ञापन पर पैसा खर्च करता है, मगर परिणाम नहीं बदलते।
ऐसे में केवल अधिक पैसा खर्च करना समाधान नहीं होगा। उसे यह देखना होगा कि उसके विज्ञापन सही लोगों तक पहुंच रहे हैं या नहीं, उसके उत्पाद की कीमत उचित है या नहीं और ग्राहक को उसके उत्पाद में वास्तविक लाभ दिखाई दे रहा है या नहीं।
जब वह इन बातों पर काम करेगा, तभी उसके प्रयास अधिक उपयोगी बन सकते हैं।
इसी तरह, पढ़ाई में कमजोर परिणाम आने पर केवल अधिक घंटे किताबों के सामने बैठना पर्याप्त नहीं है। यह देखना भी जरूरी है कि आप विषय को समझ रहे हैं या सिर्फ याद कर रहे हैं।
असफलता का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि आपमें क्षमता नहीं है। कई बार यह संकेत होता है कि आपको अपने तरीके में बदलाव करने की जरूरत है।
लेकिन यह भी समझिए कि हर कोशिश सफल होने की गारंटी नहीं होती। इसलिए अपनी मेहनत के साथ सही निर्णय, व्यावहारिक योजना और जरूरत पड़ने पर दूसरों की सलाह को भी महत्व दीजिए।
- मोटिवेशनल शायरी आपके मन पर क्या प्रभाव डाल सकती है?
कभी-कभी एक छोटी-सी बात भी हमारे मन को गहराई से छू जाती है।
आपने महसूस किया होगा कि जब आप बहुत परेशान होते हैं, तब कोई अपना प्यार से समझा दे तो मन हल्का हो जाता है। कोई कह दे कि चिंता मत करो, धीरे-धीरे सब संभल जाएगा, तो कुछ हिम्मत मिलने लगती है।
मोटिवेशनल शायरी भी कई बार ऐसा ही काम करती है।
जब शायरी के शब्द हमारे अनुभवों से मेल खाते हैं, तो हमें लगता है कि हमारी परेशानी को कोई समझ रहा है। हमें अपनी भावनाओं को समझने और दोबारा प्रयास करने की प्रेरणा मिल सकती है।
उदाहरण के लिए, जब आप किसी काम में बार-बार असफल हो रहे हों, तब ये पंक्तियां आपको अपने लक्ष्य की याद दिला सकती हैं-
थक गया है मन तो थोड़ा आराम कर लेना,
मगर अपने सपनों को अधूरा मत छोड़ देना।
आज नहीं तो कल रास्ता जरूर मिलेगा,
बस हर मुश्किल में खुद का साथ मत छोड़ देना।
इन पंक्तियों का अर्थ यह नहीं है कि आपको अपनी थकान को अनदेखा करना चाहिए या हर परिस्थिति में बिना सोचे काम करते रहना चाहिए।
इनका संदेश है कि आराम की जरूरत हो तो आराम कीजिए, अपनी स्थिति को समझिए, लेकिन केवल एक कठिन दिन के कारण अपने पूरे भविष्य के बारे में नकारात्मक फैसला मत लीजिए।
आप मोटिवेशनल शायरी पढ़ सकते हैं, सुन सकते हैं या अपनी पसंद की पंक्तियों को लिखकर रख सकते हैं। सुबह कुछ मिनट सकारात्मक विचार पढ़ना भी एक अच्छी दिनचर्या बन सकती है।
लेकिन एक बात हमेशा याद रखें-शायरी पढ़ने से रास्ता अपने आप नहीं बदलता, रास्ते पर चलने की प्रेरणा जरूर मिल सकती है।
उस प्रेरणा को अपने काम में उतारना आपकी जिम्मेदारी है।
- पढ़ाई, नौकरी, बिजनेस और रिश्तों में मोटिवेशन की जरूरत
मोटिवेशन केवल उन लोगों के लिए नहीं है, जो बहुत बड़ा बिजनेस करना चाहते हैं या बहुत अमीर बनना चाहते हैं। इसकी जरूरत जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में पड़ सकती है।
पढ़ाई में: जब विद्यार्थी का मन पढ़ाई से हटने लगे, तब उसे अपने लक्ष्य को याद करना चाहिए। साथ ही पढ़ाई को छोटे हिस्सों में बांटना चाहिए, ताकि शुरुआत करना आसान हो।
नौकरी में: जब काम में उत्साह कम होने लगे, तब अपनी स्किल सुधारने, नए अवसर तलाशने और काम करने के तरीके को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
बिजनेस में: जब बिक्री कम हो या कोई योजना असफल हो जाए, तब घबराने के बजाय आंकड़ों को समझना, ग्राहकों की जरूरत पहचानना और सही सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।
पर्सनल रिलेशनशिप में: जब रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ने लगें, तब केवल नकारात्मक सोचने के बजाय शांत होकर बातचीत करना, दूसरे व्यक्ति की बात समझना और अपनी भावनाओं को सही तरीके से व्यक्त करना जरूरी होता है।
यहां मोटिवेशन का अर्थ केवल अपने आप से यह कहना नहीं है कि सब ठीक हो जाएगा। इसका अर्थ है कि आप अपनी तरफ से सही कदम उठाने के लिए तैयार हों।
हर समस्या केवल सकारात्मक सोच से हल नहीं होती। कुछ समस्याओं के लिए समय, बातचीत, व्यावहारिक बदलाव और कभी-कभी किसी अनुभवी व्यक्ति की मदद की जरूरत होती है।
लेकिन जब आप खुद को संभालने और समाधान खोजने के लिए तैयार रहते हैं, तब आगे बढ़ने की संभावना बेहतर हो जाती है।
- खुद को मोटिवेट रखने के लिए ये पांच बातें अपनाइए
अगर आप चाहते हैं कि आपका मन बार-बार निराशा में न डूबे और आप अपने लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ते रहें, तो कुछ छोटी आदतें अपनाकर देखिए।
पहली बात-अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखिए।
आपको क्या हासिल करना है और क्यों करना है, यह साफ होना चाहिए। जब लक्ष्य ही स्पष्ट नहीं होगा, तो मेहनत करने की दिशा भी बार-बार बदल सकती है।
दूसरी बात-छोटे कदमों से शुरुआत कीजिए।
एक ही दिन में पूरी जिंदगी बदलने की कोशिश मत कीजिए। रोज थोड़ा-थोड़ा सुधार कीजिए। नियमित रूप से किया गया छोटा प्रयास भी समय के साथ महत्वपूर्ण बन सकता है।
तीसरी बात-अपनी प्रगति को पहचानिए।
हम अक्सर उन चीजों पर ध्यान देते हैं, जो अभी तक हासिल नहीं हुई हैं। लेकिन हमें यह भी देखना चाहिए कि हमने अब तक क्या सीखा है और किन मुश्किलों का सामना करके आगे आए हैं।
चौथी बात-अपनी तुलना दूसरों से कम कीजिए।
दूसरों से सीखिए, लेकिन उनकी सफलता को अपनी असफलता का प्रमाण मत बनाइए। हर व्यक्ति की परिस्थितियां अलग होती हैं।
पांचवीं बात-जरूरत पड़ने पर मदद लीजिए।
हर समस्या का समाधान अकेले खोजना जरूरी नहीं है। कभी किसी अनुभवी व्यक्ति से बात करना, अपने परिवार का सहयोग लेना या किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना भी आगे बढ़ने का सही तरीका हो सकता है।
इन पांच बातों को अपनी जिंदगी में धीरे-धीरे शामिल कीजिए। आपको हर दिन एक जैसा महसूस करने की जरूरत नहीं है। बस कोशिश कीजिए कि कठिन दिनों में भी अपने लिए कोई छोटा, उपयोगी कदम उठा सकें।
- अपनी जिंदगी की जिम्मेदारी लेना सीखिए
देखिए, जिंदगी में कई चीजें ऐसी होती हैं, जो हमारे नियंत्रण में नहीं होतीं।
हम यह तय नहीं कर सकते कि हर व्यक्ति हमारे साथ अच्छा व्यवहार करेगा। हम यह भी तय नहीं कर सकते कि हर काम का परिणाम हमारी इच्छा के अनुसार ही आएगा। कभी परिस्थितियां बदल जाती हैं, कभी अवसर हाथ से निकल जाते हैं और कभी हमारी योजना के अनुसार कुछ नहीं हो पाता।
लेकिन हम यह जरूर सीख सकते हैं कि ऐसी परिस्थितियों में अपनी प्रतिक्रिया कैसे दें।
अगर कोई आपकी आलोचना करता है, तो हर बार खुद को कमजोर समझना जरूरी नहीं है। आप देख सकते हैं कि उसकी बात में कोई उपयोगी सीख है या नहीं।
अगर कोई अवसर नहीं मिलता, तो आप अपनी तैयारी सुधार सकते हैं और दूसरे अवसर खोज सकते हैं।
अगर कोई योजना असफल हो जाती है, तो आप यह समझने की कोशिश कर सकते हैं कि अगली बार क्या अलग करना चाहिए।
यही सोच आपको धीरे-धीरे अधिक जिम्मेदार और आत्मनिर्भर बनाती है।
इसका मतलब यह नहीं कि जिंदगी में जो कुछ भी गलत हो, उसके लिए आप खुद को दोष दें। हर परिस्थिति आपकी गलती से पैदा नहीं होती। इसका अर्थ केवल इतना है कि जहां आपके पास कुछ बदलने की शक्ति है, वहां उस शक्ति का उपयोग कीजिए।
दूसरों को दोष देते रहने से कई बार हमारी ऊर्जा खत्म हो जाती है। लेकिन जब हम अपने अगले कदम पर ध्यान देते हैं, तब हमें कुछ करने का अवसर मिलता है।
आप अपने बीते हुए कल को नहीं बदल सकते, लेकिन आज के फैसलों से अपने आने वाले कल को बेहतर बनाने की कोशिश जरूर कर सकते हैं।
और यही बात आपको अपने मन में बार-बार दोहरानी चाहिए।
- याद रखिए, आपकी जिंदगी अभी बाकी है
हो सकता है कि आपने जिंदगी में बहुत संघर्ष किया हो। हो सकता है कि आपने ऐसे लोगों पर भरोसा किया हो, जिन्होंने आपका साथ नहीं दिया। हो सकता है कि आपने कोई बड़ा सपना देखा हो, लेकिन परिस्थितियों के कारण उसे पूरा न कर पाए हों।
हो सकता है कि आज भी आप किसी ऐसी परेशानी से गुजर रहे हों, जिसके बारे में आप किसी से खुलकर बात नहीं कर पाते।
लेकिन एक बात समझिए-आपका बीता हुआ समय आपकी पूरी जिंदगी नहीं है।
आपकी कोई पुरानी असफलता यह तय नहीं करती कि आप आगे भी असफल ही रहेंगे। किसी एक व्यक्ति का व्यवहार आपकी कीमत तय नहीं करता। और आज की परेशानी यह साबित नहीं करती कि आने वाला कल भी वैसा ही होगा।
हां, जिंदगी में बदलाव लाने के लिए समय लग सकता है। कई बार मेहनत करनी पड़ती है, अपनी गलतियां सुधारनी पड़ती हैं और कुछ पुराने तरीकों को छोड़ना भी पड़ता है।
लेकिन शुरुआत करने के लिए आपको किसी खास दिन का इंतजार करने की जरूरत नहीं है।
आज ही एक छोटा कदम उठाइए। जिस काम को आप कई दिनों से टाल रहे हैं, उसका पहला हिस्सा पूरा कीजिए। जिस व्यक्ति से आपको जरूरी बात करनी है, उससे शांत मन से बात कीजिए। जिस स्किल को सीखना चाहते हैं, उसके लिए थोड़ा समय निकालिए। और अगर आप बहुत थके हुए हैं, तो अपने शरीर और मन को आराम देने के लिए भी समय निकालिए।
आपको हर दिन दुनिया को यह साबित नहीं करना है कि आप कितने मजबूत हैं। कभी-कभी खुद को संभालना, अपनी गलतियों को स्वीकार करना और फिर से शुरुआत करना भी बहुत बड़ी हिम्मत होती है।
मोटिवेशनल शायरी
अभी तो रास्तों पर चलना बाकी है,
अपने सपनों को सच करना बाकी है।
कुछ हार मिली हैं तो क्या हुआ,
अभी खुद को पहचानना बाकी है।
जो कल नहीं मिला, उसका गम मत कर,
आज जो मिला है, उससे शुरुआत कर।
मंजिल मिलेगी या रास्ता नया मिलेगा,
चलता रह, जिंदगी से कुछ नया जरूर मिलेगा।
अंत में एक बात दिल से समझिए
मोटिवेशन कोई ऐसी चीज नहीं है, जो एक बार मिल जाए तो जिंदगी भर बनी रहे। कभी हमारा मन बहुत उत्साहित होता है, तो कभी बिना किसी स्पष्ट कारण के भी उत्साह कम हो जाता है। यह जिंदगी का सामान्य हिस्सा है।
इसलिए खुद को हमेशा मोटिवेट रखने का अर्थ यह नहीं कि आप कभी निराश न हों। इसका अर्थ यह है कि जब निराशा आए, तब आप खुद को समझने, अपनी जरूरतों को पहचानने और दोबारा आगे बढ़ने की कोशिश करें।
आप मोटिवेशनल शायरी पढ़िए, अच्छे विचार सुनिए, प्रेरणादायक लोगों के अनुभवों से सीखिए और उन बातों को अपनी जिंदगी में अपनाइए, जो वास्तव में आपके लिए उपयोगी हैं।
लेकिन केवल प्रेरणा के भरोसे मत बैठिए। अपने लक्ष्य तय कीजिए, काम की योजना बनाइए, अपनी आदतों को सुधारिए और परिणाम के अनुसार अपनी दिशा में जरूरी बदलाव कीजिए।
अगर आप विद्यार्थी हैं, तो अपनी पढ़ाई को बेहतर बनाने की कोशिश कीजिए। अगर नौकरी करते हैं, तो अपनी क्षमताओं को बढ़ाइए। अगर बिजनेस करते हैं, तो ग्राहकों की जरूरतों को समझिए। और अगर जिंदगी के किसी व्यक्तिगत संघर्ष से गुजर रहे हैं, तो खुद को समय दीजिए और जरूरत पड़ने पर मदद लेने में संकोच मत कीजिए।
याद रखिए, जिंदगी में आगे बढ़ने का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता। कई बार आपको अपनी ही सोच से लड़ना पड़ता है, अपनी गलतियों से सीखना पड़ता है और अपने अंदर फिर से विश्वास पैदा करना पड़ता है।
ऐसे समय में अपने आप से कहिए-
मैं आज जहां हूं, मेरी कहानी बस इतनी नहीं है।
मुझे अभी बहुत कुछ सीखना है, बहुत कुछ करना है।
मैं हर दिन सफल होऊं, यह जरूरी नहीं,
लेकिन हर असफलता से कुछ सीखूं, यह मेरे हाथ में है।
इसलिए उठिए, खुद पर विश्वास रखिए और अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए आज से ही एक छोटा कदम उठाइए।
क्योंकि आखिरकार आपकी जिंदगी में बदलाव केवल इस बात से नहीं आएगा कि आपने कितनी मोटिवेशनल शायरी पढ़ी, बल्कि इस बात से आएगा कि उन शब्दों से मिली प्रेरणा को आपने अपने विचारों, अपनी आदतों और अपने काम में कितना उतारा।
और यही असली सेल्फ मोटिवेशन है-खुद को समझना, खुद को संभालना और परिस्थितियां कठिन होने पर भी समझदारी के साथ आगे बढ़ते रहना।
Be Happy Always and Best of Luck!
Dr. Haire (डॉ. हैरी)
Life, Career and Business Success Coach
अगर आप किसी ऐसी समस्या से घिर गए हैं और काफी कोशिसो के बावजुद भी आपको कोई समाधान नहीं दिख रहा है तो आप कम्मेंट बॉक्स में कमेंट कर के अपनी समस्या बता सकते हैं।
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